बंदूक लाइसेंस छूट पर सवाल उठाने की अपील; सुप्रीम ने सरकार से सुनी प्रतिक्रिया

 

बंदूक लाइसेंस छूट पर सवाल उठाने की अपील; सुप्रीम ने सरकार से सुनी प्रतिक्रिया,

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस

नई दिल्ली: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है, जिसने कोडागु को हथियार लाइसेंस प्राप्त करने से संवैधानिक और कानूनी प्रतिरक्षा को बरकरार रखा था।

पूर्व सेना कमांडर कैप्टन चेतन वाईके ने कहा है कि अपील दायर की गई थी और यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 और 21 का उल्लंघन होगा।

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केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) ने 29 अक्टूबर, 2019 को कोडावा और भूमि मालिकों के लिए आग्नेयास्त्र लाइसेंस से छूट देने के लिए एक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के तहत आर्म्स एक्ट-199 की धारा 41 में प्रावधान है कि बंदूक लाइसेंस धारकों को 10 साल की अवधि के लिए छूट दी गई है। कोडावों को स्वतंत्रता पूर्व से ही बंदूक लाइसेंस रखने से छूट प्राप्त है। उन्हें गन लाइसेंस हथियार अधिनियम के तहत छूट देना कानूनी है। कोर्ट ने माना कि यह अधिसूचना संवैधानिक थी, इसलिए अधिसूचना को बरकरार रखा गया।

इस आदेश को याचिकाकर्ताओं ने चुनौती दी, जिन्होंने तर्क दिया कि अदालत का आदेश भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत था।

 

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