मेघालय ड्रोन का उपयोग कर दवाओं की डिलीवरी शुरू करने वाला पहला राज्य है

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस

मेघालय: ड्रोन के जरिए लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का कॉन्सेप्ट नया है। अब मेघालय इस नवाचार को अपनाने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।

एक मानव रहित वाहन ने 68 किमी की दूरी से एक स्थानीय फार्मेसी तक दवाइयां पहुंचाईं।

इसका फायदा उठाने वाले चेसरंग मोमिन को अपने पिता की बीपी की गोलियां लाने के लिए 101 किमी का सफर तय करना पड़ा।

जेंगजल सब-डिवीजनल अस्पताल में एक ड्रोन स्टेशन यह सुनिश्चित करता है कि आवश्यक आपूर्ति गारो हिल्स के सबसे दूरस्थ गांव तक भी पहुंचे।

यहां भूस्खलन और बाढ़ के कारण सरकारी स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखला में रसद संबंधी समस्याएं हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य संबंधी सामान पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है।

विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित चल रही ड्रोन सेवाएं मेघालय स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना और स्टार्ट-अप टेककिगल के बीच एक संयुक्त उद्यम है। टेककिगल के सह-संस्थापक अंशु अभिषेक का कहना है कि स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली के लिए यह एशिया का पहला ड्रोन स्टेशन है।

जीपीएस के आधार पर ड्रोन का मार्ग पूर्व निर्धारित होता है।

यह ड्रोन 3-5 किलो कार्गो ले जाने की क्षमता रखता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव राम कुमार ने कहा कि टीके ले जाने के लिए दो अलग-अलग ड्रोन हैं और इनकी वहन क्षमता 20-25 किलोग्राम है।

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